Saturday, May 26, 2007

कोई ऐसा तो हो \\

कोई एक इन्सान तो ऐसा हो हमारे रिश्तों मे - जो बिना कोई इल्जाम दिए, बिना कोई सवाल पूछे हमेशा हमारे साथ चलता रहे ,इतना विश्वास करे हम पर-- के उसका विश्वास हमारे अन्दर कि अच्छायी को बरकरार रख सके\
कोई एक इन्सान तो हो जो हमारे वजूद पर सवाल ना उठाये\ कोई एक इन्सान तो हो जो हमे हमारी हर बुरायी ,हर गलती के साथ स्वीकार कर सके\ कोई ऐसा तो हो, जो हमारे लिए दुनिया के विरूद्ध खड़ा हो सके, कोई ऐसा तो हो\
कोई ऐसा इन्सान तो हो जिसके गोद मे सर रख कर हम हर दुःख भुलाये चैन कि नींद सो सके\ कोई ऐसा हाथ तो हो जो हमे हलके से सहला दे और हमारा हर दुःख बिसरा दे\ कोई ऐसा तो हो जो बेगरज भरपूर प्यार दे, सहारा दे \ जिसे देख कर घनी छाव का एहसास हो \ जिसे देख कर अपनी जिंदगी से प्यार हो \ कोई ऐसा तो हो\
कोई ऐसा तो हो , जिसमे हमारी गलतियों को माफ करने कि ताकत हो \ ऐसा कोई जो उन गलतियों को बार बार याद दिलाकर हमे दुखाता ना हो \
कोई ऐसा जो हमे कभी अपने से दूर ना करे या हम दूर चले गए तो वापस बुलाने मे देर ना करे \\ जिसकी एक मुस्कराहट हमे जितने का हौसला दे सके\और उसका सहारा हमे हार स्वीकार करने कि और फिर लढने कि हिम्मत दे सके \ कोई ऐसा तो हो जो " वो हमारे विश्वास को नही तोडेगा ", इस विश्वास पे कायम रह सके\\ काश कोई ऐसा तो हो, काश कोई ऐसा तो हो \काश किसी के लिए हम ऐसे हो, हम ऐसे ही हो \\\\

2 comments:

Vishnu Bairagi said...

आप तो डॉक्‍टर हैं । जब जब भी दि‍ल को चीर कर देखा होगा, 'कतरा ए खूं' ही पाया होगा । आपको नहीं लगता क‍ि आप असम्‍भव की तलाश कर रही हैं । जो पैमाने आपने बनाए हैं उन पर आपके सि‍वाय और कोई खरा उतर जाए तो बताईएगा जरूर । वैसे, भरोसा रखि‍एगा, आपकी तलाश जब भी खत्‍म होगी, अपने आप को ही सामने पाएंगी ।

विकास कुमार said...

जानती हैं की सबसे बड़ी विडम्बना क्या है? हर कोई अपने लिए एक ऐसा इन्सान चाहता है.....परंतु कोई भी दूसरो के लिए वैसा बनने की कोशिश नही करता। कोशिश करके देखिए....कई बार असफलता भी हाथ लग सकती है। पर आपकी कोशिश अंततोगत्वा कामयाब हो ही जायेगी। :)

अरे हाँ! मेरे ब्लोग पर पधारने के लिए धन्यवाद। आशा है, आती रहेंगी।